Tuesday, October 23, 2012


इतनी शक्ति हमें दे न दाता
मनका विश्वास कमज़ोर हो ना

हम चलें नेक रास्ते पे हमसे
भूलकर भी कोई भूल हो ना............

दूर अज्ञान के हो अन्धेरे
तू हमें ज्ञान की रौशनी दे
हर बुराई से बचके रहें हम
जितनी भी दे, भली ज़िन्दगी दे
बैर हो ना किसीका किसीसे
भावना मन में बदले की हो ना...
हम चले...

हम न सोचें हमें क्या मिला है
हम ये सोचें किया क्या है अर्पण
फूल खुशियों के बाटें सभी को
सबका जीवन ही बन जाये मधुबन
अपनी करुणा को जब तू बहा दे
करदे पावन हर इक मन का कोना...
हम चले...........................

हम अन्धेरे में हैं रौशनी दे,
खो ना दे खुद को ही दुश्मनी से,
हम सज़ा पाये अपने किये की,
मौत भी हो तो सह ले खुशी से,
कल जो गुज़रा है फिरसे ना गुज़रे,
आनेवाला वो कल ऐसा हो ना.....................

हम चले नेक रास्ते पे हमसे,
भुलकर भी कोई भूल हो ना...
इतनी शक्ति हमें दे ना दाता,
              मनका विश्वास कमज़ोर हो ना.......................

aa Jaa Ke Kab Milke Rab Se Dua Maange
jeevan Mein Sukoon Chaahe, Chaahat Mein Vafa Maange
haalaat Badalne Main Ab Der Na Ho Maalik
jo De Chuke Phir Yeh Andher Na Ho Maalik


ek Tu Hi Bharosa, Ek Tu Hi Sahaara
is Tere Jahan Mein Nahin Koi Hamaara


Eeshwar Ya Allah, Yeh Pukaar Sun Le
eeshwar Ya Allah Hai Daata............................................................!!!